kheti mein fitkari ka upyog : किसान भाई अक्सर ज्यादा पैदावार के लिए डीएपी, यूरिया जैसी रासायनिक खादों का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से मिट्टी का पीएच लेवल बढ़ जाता है। जब मिट्टी का पीएच 7 से ऊपर हो जाता है तो पौधे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को ठीक से नहीं ले पाते। नतीजा – खाद डालने के बावजूद फसल कमजोर रहती है और पैदावार घटती है।
इसी समस्या का सस्ता और आसान समाधान है फिटकरी। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के प्रोफेसर आर. एस. सेंगर के अनुसार सही मात्रा और सही तरीके से फिटकरी डालने से मिट्टी का पीएच संतुलित होता है, पोषक तत्व पौधों तक आसानी से पहुंचते हैं और पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी होती है।
फिटकरी क्यों काम आती है?
फिटकरी में पोटेशियम और सल्फर जैसे तत्व होते हैं। यह मिट्टी के पीएच को कम करने में मदद करती है। जब पीएच सही रहता है तो पौधे नाइट्रोजन, फास्फोरस, जिंक जैसे पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करते हैं। इससे पौधे मजबूत होते हैं, कल्ले ज्यादा निकलते हैं और फसल स्वस्थ रहती है।
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याद रखें – फिटकरी खाद नहीं है। इसे सिर्फ मिट्टी का पीएच सुधारने के लिए इस्तेमाल करें।
मिट्टी के पीएच के अनुसार कितनी फिटकरी डालें?
पहले अपने खेत की मिट्टी का पीएच जरूर जांच लें। बिना जांच के इस्तेमाल करने से नुकसान हो सकता है।
| मिट्टी का पीएच | फिटकरी की मात्रा (प्रति एकड़) |
|---|---|
| 7 | 1.5 किलो |
| 7.5 या 8 | 2 किलो |
| 8 से ज्यादा | 3 किलो तक |
फिटकरी बाजार में आसानी से 40-50 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिल जाती है।
फिटकरी डालने का सही तरीका
- फिटकरी को अच्छी तरह पाउडर बना लें। पाउडर न बनाने पर यह पानी में देर से घुलती है।
- 2 किलो फिटकरी को 200 लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें।
- खेत तैयार करते समय पलेवा (बुवाई से पहले की गहरी सिंचाई) के दौरान इस घोल को पूरे खेत में चलाएं – ठीक उसी तरह जैसे आप सिंचाई का पानी चलाते हैं।
- घोल सिर्फ मिट्टी में जाना चाहिए। फसल की पत्तियों पर बिल्कुल न पड़ने दें, वरना फसल सूख सकती है।
ड्रिप सिंचाई वाले किसान घोल को सीधे पौधों की जड़ों में दे सकते हैं।
स्प्रिंकलर से सिंचाई करने वाले किसान बुवाई के बाद इसका इस्तेमाल न करें, क्योंकि घोल पत्तियों पर पड़ने का खतरा रहता है।
कब डालें फिटकरी?
सबसे अच्छा समय बुवाई से पहले पलेवा के दौरान है। गेहूं, सरसों जैसी रबी फसलों की बुवाई से पहले इसका इस्तेमाल खासतौर पर फायदेमंद साबित होता है। जरूरत पड़ने पर ड्रिप से सिंचाई के समय भी डाला जा सकता है।
जरूरी सावधानियां
- अम्लीय मिट्टी (पीएच 7 से कम) में फिटकरी न डालें।
- मात्रा का ध्यान रखें। ज्यादा डालने से नुकसान हो सकता है।
- हमेशा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लेकर इस्तेमाल करें।
- घोल कभी सीधे फसल पर न छिड़कें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किन खेतों में फिटकरी डालनी चाहिए?
जिन खेतों का पीएच 7 से ऊपर है। पीएच जांच के बिना न डालें।
एक एकड़ में कितनी फिटकरी लगती है?
पीएच के हिसाब से 1.5 से 3 किलो तक।
स्प्रिंकलर वाले किसान इस्तेमाल कर सकते हैं?
बुवाई के बाद नहीं। घोल पत्तियों पर पड़ने से फसल खराब हो सकती है।
फिटकरी का सही इस्तेमाल करके आप कम खर्च में मिट्टी की सेहत सुधार सकते हैं और फसलों से बेहतर पैदावार ले सकते हैं। सही विधि अपनाएं और अच्छी फसल का आनंद लें।


