Cabinet Scheme Update : खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने ₹25,530 करोड़ की भारी भरकम राशि वाली SARTHAK-PDS योजना को मंजूरी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पूरे 5 साल चलेगी।
इस योजना के जरिए देशभर के 80 करोड़ लाभार्थियों तक बेहतर तरीके से सस्ता अनाज पहुंचाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह आधुनिक और मजबूत बनाया जाएगा।
योजना क्यों महत्वपूर्ण है? Cabinet Scheme Update
भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चलाता है। हर महीने 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ता राशन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन लीकेज, पुरानी राशन दुकानें, परिवहन की समस्याएं और फर्जी लाभार्थी जैसी चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई थीं।
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SARTHAK-PDS योजना इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए लाई गई है। यह दो पुरानी योजनाओं को मिलाकर एक नई और बेहतर योजना के रूप में शुरू की गई है:
- राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न के अंतर्देशीय परिवहन और राशन दुकानदारों के मार्जिन के लिए सहायता
- टेक्नोलॉजी आधारित SMART-PDS योजना
SARTHAK-PDS योजना की मुख्य विशेषताएं
1. राशन दुकानों (FPS) को मजबूत समर्थन
राशन दुकानदार आखिरी छोर पर राशन पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। नई योजना में उनकी आय बढ़ाने के लिए मार्जिन और सहायता बढ़ाई जाएगी, जिससे दुकानें आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और बेहतर सेवा दे सकेंगी।
2. अंतर्देशीय परिवहन को बेहतर बनाना
राज्यों को खाद्यान्न के आंतरिक परिवहन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे परिवहन लागत कम होगी, अनाज की बर्बादी रोकी जा सकेगी और समय पर सप्लाई सुनिश्चित होगी।
3. आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
योजना में AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और ML आधारित उन्नत मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। प्रमुख फोकस:
- निर्मल PDS: AI की मदद से साफ-सुथरा और सही लाभार्थी डेटाबेस तैयार करना, ताकि फर्जी लाभार्थी पूरी तरह समाप्त हो जाएं।
- केंद्र और राज्य योजनाओं के बीच डेटा एकीकरण
- खाद्यान्न की रियल-टाइम ट्रैकिंग
- नागरिक फीडबैक और शिकायत निवारण व्यवस्था
- सप्लाई चेन को अनुकूलित करके परिवहन दूरी कम करना
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह फैसला सीधे 80 करोड़ नागरिकों को प्रभावित करेगा। यह योजना लॉजिस्टिक्स, दुकानदार सशक्तिकरण और अत्याधुनिक तकनीक का बेहतरीन संयोजन है।
योजना से होने वाले प्रमुख लाभ
- PDS में होने वाले लीकेज पर प्रभावी रोक
- पारदर्शिता में भारी सुधार
- दूरदराज के इलाकों में भी समय पर राशन पहुंचना
- राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होना
- 5 वर्षीय स्थिर योजना के साथ बेहतर क्रियान्वयन
आम नागरिकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों के लिए यह योजना राहत भरी होगी। अब उन्हें सही समय पर और सही मात्रा में सस्ता अनाज मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि खाद्य सुरक्षा ज्यादा समावेशी, कुशल और भविष्योन्मुखी बने।
निष्कर्ष
₹25,530 करोड़ की SARTHAK-PDS योजना सिर्फ एक बजटीय फैसला नहीं है, बल्कि एक दूरदर्शी कदम है जो भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लीक-प्रूफ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने जा रहा है।
राशन दुकानों को मजबूत करना, बेहतर परिवहन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के सहारे यह योजना सार्वजनिक कल्याण की नई मिसाल स्थापित करेगी।
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