8th pay commission meeting : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लखनऊ में आयोजित बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा। खासतौर पर वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है। साथ ही वेतनमान, पेंशन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की मांग की जा रही है।
बैठक में क्या-क्या मांगें रखी गईं? 8th pay commission meeting
मंगलवार को होटल रेनेशा में 8वें वेतन आयोग की टीम ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ लंबी चर्चा की। संगठनों ने न सिर्फ वेतन वृद्धि बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुझाव दिए:
- ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मुआवजा: वर्तमान 25 लाख रुपये की अधिकतम सीमा हटाकर 2 करोड़ रुपये तक मुआवजा दिए जाने की मांग।
- पुरानी पेंशन योजना की बहाली: कर्मचारियों ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया।
- फिटमेंट फैक्टर: 3.93 रखने की सिफारिश।
- न्यूनतम वेतन: अवर अभियंताओं के लिए 1.39 लाख रुपये प्रतिमाह।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनडी द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पे-लेवल 6, 7 और 8 को मर्ज करने तथा लेवल 9 और 10 को मर्ज करने का सुझाव दिया।
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अन्य प्रमुख मांगें
- अतिरिक्त योग्यता भत्ता: 10%
- मकान किराया भत्ता (HRA): शहर के वर्गीकरण के अनुसार 45%, 40% और 35%
- बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए मासिक सहायता: 10,000 रुपये
- गृह निर्माण अग्रिम: अधिकतम 2 करोड़ रुपये
- वाहन खरीद अग्रिम: अधिकतम 15 लाख रुपये
- अर्जित अवकाश की सीमा: 300 से बढ़ाकर 600 दिन
- मातृत्व अवकाश: 240 दिन तथा 45 दिन का पितृत्व अवकाश
- LTC सुविधा: हर 4 साल में देश भर में एक बार और पूरी सेवा में 2 बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा
- सेवा अवधि पर प्रमोशन: 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष पर 5 प्रमोशन
- ग्रेच्युटी की ऊपरी सीमा: 75 लाख रुपये
लेखा अधिकारियों की मांगें
अखिल भारतीय वेतन एवं वरिष्ठ लेखा अधिकारी संगठन ने विभिन्न वेतन आयोगों की पुरानी सिफारिशों के बावजूद बनी विसंगतियों को दूर करने की मांग की। संगठन की अध्यक्ष गीतांजलि और महासचिव कौशल मिश्रा ने विस्तार से अपनी बात रखी।
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल डायरेक्टोरेट ऑफ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हॉस्पिटल एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशल श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन और भत्तों में वृद्धि पर जोर दिया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लाखों केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के भविष्य को प्रभावित करेंगी। कर्मचारी संगठनों की ये मांगें न सिर्फ वेतन बल्कि कार्य-जीवन संतुलन, सुरक्षा और समग्र कल्याण से जुड़ी हैं।
आयोग इन सुझावों पर विचार कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा। कर्मचारी वर्ग उम्मीद कर रहा है कि उनकी जायज मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।








