Rajasaab Collection Worldwide Total: प्रभास की फिल्म ने पार किए 156 करोड़ लेकिन कमाई में आई गिरावट

प्रभास की नई फिल्म द राजा साब को लेकर दर्शकों में काफी उम्मीदें थीं लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन अब तक उतना शानदार नहीं रहा है जितना अपेक्षित था। फिल्म ने अपने 11 दिनों में दुनियाभर में करीब 200 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। भारत में फिल्म की नेट कमाई 140.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 166.45 करोड़ रुपये का है। विदेशी बाजारों से इसने 33.55 करोड़ रुपये की कमाई की है।

मारुथी के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक हॉरर कॉमेडी फिल्म शुरुआती दिनों में तो अच्छा प्रदर्शन करती नजर आई थी लेकिन धीरे-धीरे इसकी कमाई में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। पहले दिन जहां फिल्म ने 53.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी वहीं दूसरे दिन यह आंकड़ा घटकर 26 करोड़ रुपये रह गया। तीसरे दिन रविवार को फिल्म ने 19.10 करोड़ रुपये कमाए जो सप्ताहांत के आखिरी दिन के लिए निराशाजनक माना जा रहा है।

पहले हफ्ते का प्रदर्शन

द राजा साब के पहले हफ्ते की कमाई देखें तो फिल्म ने कुल 130.25 करोड़ रुपये का भारतीय नेट कलेक्शन हासिल किया। पहले शुक्रवार को 53.75 करोड़ रुपये की धमाकेदार शुरुआत के बाद शनिवार को यह 26 करोड़ रुपये पर आ गई जो करीब 51 फीसदी की गिरावट थी। रविवार को 19.10 करोड़ रुपये की कमाई हुई और फिर सोमवार को तो स्थिति और भी खराब हो गई जब फिल्म ने सिर्फ 6.60 करोड़ रुपये ही कमाए।

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मंगलवार को 4.80 करोड़ रुपये और बुधवार को 5.35 करोड़ रुपये की कमाई हुई। गुरुवार को थोड़ा सुधार देखा गया और फिल्म ने 5.50 करोड़ रुपये कमाए। लेकिन दूसरे शुक्रवार यानी आठवें दिन फिर से गिरावट आई और कमाई 3.50 करोड़ रुपये तक सिमट गई। नौवें दिन 3 करोड़ रुपये और दसवें दिन 2.60 करोड़ रुपये की कमाई हुई। 11वें दिन यानी दूसरे सोमवार को फिल्म ने सिर्फ 1.14 करोड़ रुपये ही कमाए।

भाषावार प्रदर्शन

तेलुगु भाषा में फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई की है। पहले दिन तेलुगु संस्करण ने 47 करोड़ रुपये की कमाई की थी जो कुल कमाई का लगभग 87 फीसदी था। दूसरे दिन तेलुगु में 20.65 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 14.20 करोड़ रुपये की कमाई हुई। पहले सप्ताह में तेलुगु संस्करण से 106.8 करोड़ रुपये की कुल कमाई हुई जो फिल्म की कुल कमाई का 82 फीसदी है।

हिंदी संस्करण ने पहले दिन 6 करोड़ रुपये की कमाई की थी लेकिन बाद में इसमें भी लगातार गिरावट देखी गई। दूसरे दिन 5.10 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 4.65 करोड़ रुपये की कमाई हुई। पहले सप्ताह में हिंदी संस्करण से 21.8 करोड़ रुपये की कुल कमाई हुई। दूसरे शुक्रवार को हिंदी में सिर्फ 0.33 करोड़ रुपये की कमाई हुई जो काफी निराशाजनक है।

तमिल तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में फिल्म का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। तमिल में पहले सप्ताह में कुल 1.06 करोड़ रुपये की कमाई हुई जबकि कन्नड़ में 0.36 करोड़ रुपये और मलयालम में 0.23 करोड़ रुपये की कमाई हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में फिल्म को दर्शकों का साथ नहीं मिला।

राज्यवार कमाई का विश्लेषण

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से फिल्म ने सबसे ज्यादा कमाई की है। पहले दिन इन दोनों राज्यों से 49.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी जो दूसरे दिन घटकर 21.50 करोड़ रुपये रह गई। तीसरे दिन यह 14.50 करोड़ रुपये तक आ गई। पहले सप्ताह में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से कुल 102.50 करोड़ रुपये की कमाई हुई। 11 दिनों में इन दोनों राज्यों से कुल 121.05 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन हुआ है।

कर्नाटक से फिल्म ने पहले दिन 5.50 करोड़ रुपये कमाए थे लेकिन बाद में यह तेजी से गिरा। दूसरे दिन 2.90 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 2 करोड़ रुपये की कमाई हुई। पहले सप्ताह में कर्नाटक से कुल 14.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन हुआ। तमिलनाडु से पहले सप्ताह में 2.86 करोड़ रुपये और केरल से सिर्फ 0.40 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

देश के बाकी हिस्सों से फिल्म ने पहले दिन 7.75 करोड़ रुपये कमाए थे जो बाद में घटते गए। पहले सप्ताह में देश के अन्य हिस्सों से कुल 27.04 करोड़ रुपये की कमाई हुई। 11 दिनों में इन क्षेत्रों से कुल 29.11 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन हुआ है।

ऑक्यूपेंसी में लगातार गिरावट

फिल्म की ऑक्यूपेंसी यानी सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में भी लगातार कमी आई है। पहले दिन औसत ऑक्यूपेंसी 24 फीसदी थी जो दूसरे दिन घटकर 15.3 फीसदी रह गई। तीसरे दिन यह 15.9 फीसदी थी लेकिन सोमवार से यह लगातार 10 फीसदी के आसपास रही। दूसरे सप्ताह में भी ऑक्यूपेंसी 10 से 13 फीसदी के बीच ही रही।

तेलुगु संस्करण में पहले दिन ऑक्यूपेंसी 51.7 फीसदी थी जो काफी अच्छी मानी जाती है। लेकिन दूसरे दिन यह 42 फीसदी और तीसरे दिन 39 फीसदी पर आ गई। सोमवार को यह गिरकर 26.9 फीसदी रह गई। दूसरे सप्ताह में तेलुगु ऑक्यूपेंसी भी 17 से 33 फीसदी के बीच घूमती रही।

हिंदी संस्करण में पहले दिन ऑक्यूपेंसी 19.5 फीसदी थी जो दूसरे दिन 14 फीसदी और तीसरे दिन 16.3 फीसदी रही। सोमवार से यह 9 से 10 फीसदी के बीच आ गई। दूसरे सप्ताह में हिंदी ऑक्यूपेंसी 8 से 14 फीसदी के बीच रही जो बहुत कम है। अन्य भाषाओं में ऑक्यूपेंसी और भी खराब रही।

शो की संख्या में कमी

फिल्म के लिए आयोजित शो की संख्या में भी लगातार कमी आई है। पहले दिन कुल 6891 शो आयोजित किए गए थे जो दूसरे दिन घटकर 6159 रह गए। तीसरे दिन 5495 शो हुए और चौथे दिन यह संख्या 3938 पर आ गई। पांचवें दिन 3488 शो हुए और छठे दिन 3052 शो। सातवें दिन 2855 शो आयोजित किए गए।

दूसरे शुक्रवार को शो की संख्या और भी कम हो गई और सिर्फ 1350 शो ही आयोजित किए गए। नौवें दिन 1259 शो और दसवें दिन 1228 शो हुए। 11वें दिन सिर्फ 997 शो ही आयोजित किए गए जो पहले दिन के मुकाबले 85 फीसदी की कमी दर्शाता है।

प्रभास की अन्य फिल्मों से तुलना

जब द राजा साब की तुलना प्रभास की पिछली फिल्मों से की जाती है तो यह उनकी सबसे कमजोर शुरुआत में से एक साबित हो रही है। कल्कि 2898 एडी ने अपने पहले सप्ताहांत में 341.3 करोड़ रुपये की कमाई की थी जो द राजा साब से दोगुने से भी ज्यादा है। सलार ने पहले सप्ताहांत में 325 करोड़ रुपये कमाए थे।

आदिपुरुष ने भी अपने पहले सप्ताहांत में 302 करोड़ रुपये की कमाई की थी हालांकि बाद में इसकी कमाई में भी तेज गिरावट आई थी। द राजा साब का पहला सप्ताहांत 161 करोड़ रुपये का रहा है जो राधे श्याम के 130 करोड़ रुपये से तो बेहतर है लेकिन प्रभास की अन्य बड़ी फिल्मों से काफी पीछे है।

विश्लेषकों का मानना है कि द राजा साब प्रभास की दूसरी सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म साबित हो सकती है। बाहुबली के बाद से प्रभास ने जो पैन इंडिया सफलता हासिल की थी उसके हिसाब से यह फिल्म काफी पीछे रह गई है। राधे श्याम के बाद यह उनकी सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म बनने की ओर अग्रसर है।

बजट और ब्रेक ईवन की चुनौती

द राजा साब का बजट करीब 300 से 400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस बजट को देखते हुए फिल्म को ब्रेक ईवन करने के लिए कम से कम 400 करोड़ रुपये की दुनियाभर में कमाई करनी होगी। लेकिन वर्तमान ट्रेंड को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल दिख रहा है।

फिल्म ने अब तक 200 करोड़ रुपये की दुनियाभर में कमाई कर ली है जो इसके लक्ष्य का आधा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड रहा तो फिल्म अपने लक्ष्य के आधे से भी कम पर ही रुक सकती है। संक्रांति की छुट्टियों के बाद अब फिल्म को सिनेमाघरों में जगह बनाए रखना भी मुश्किल हो रहा है।

दूसरे और तीसरे सप्ताह का प्रदर्शन अब फिल्म के भविष्य का निर्धारण करेगा। लेकिन जिस तरह से कमाई में गिरावट आ रही है और शो की संख्या कम हो रही है वह चिंताजनक संकेत हैं। अगर फिल्म सप्ताह के दिनों में भी थम गई तो यह एक बड़ा नुकसान साबित हो सकती है।

दर्शकों की प्रतिक्रिया और समीक्षा

फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा कारण मिली-जुली समीक्षाएं और दर्शकों की कमजोर प्रतिक्रिया है। रोमांटिक हॉरर कॉमेडी के रूप में यह प्रभास के लिए एक प्रयोगात्मक फिल्म थी लेकिन दर्शकों ने इसे उतना पसंद नहीं किया जितना उम्मीद की गई थी।

कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म की कहानी कमजोर है और निर्देशन में भी खामियां हैं। प्रभास के प्रशंसकों को भी फिल्म में उनका किरदार खास पसंद नहीं आया। जहां उनकी पिछली फिल्मों में एक्शन और बड़े सीन होते थे वहीं इस फिल्म में वह सब नहीं मिला।

मिक्स वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म को सप्ताहांत के बाद दर्शकों का साथ नहीं मिल पाया। आमतौर पर प्रभास की फिल्मों में रविवार को छलांग देखने को मिलती है लेकिन इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उल्टा शनिवार और रविवार को भी कमाई में गिरावट देखी गई जो अच्छा संकेत नहीं है।

प्रतिस्पर्धी फिल्मों का असर

द राजा साब को दूसरे सप्ताह में कई अन्य तेलुगु फिल्मों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। मन शंकरवरप्रसाद गारु नारी नारी नडुमा मुरारी भरत महासयुलकु विग्न्यप्ति और अनगनगा ओका राजू जैसी फिल्मों ने अच्छी समीक्षाएं हासिल की हैं और दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं।

इन फिल्मों को मिल रहे सकारात्मक शब्द ऑफ माउथ के कारण द राजा साब को सिनेमाघरों में जगह बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। स्क्रीन और दर्शकों का बंटवारा हो रहा है जिससे द राजा साब की कमाई पर असर पड़ रहा है। खासकर तेलुगु राज्यों में जहां फिल्म की मुख्य कमाई थी वहां भी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

संक्रांति का समय आमतौर पर बॉक्स ऑफिस के लिए बेहतरीन माना जाता है लेकिन इस बार कई फिल्में एक साथ रिलीज होने से द राजा साब को फायदा नहीं हो पाया। छुट्टियों के दौरान भी फिल्म में कोई खास उछाल नहीं आया जो चिंता की बात है।

निष्कर्ष

द राजा साब ने भले ही 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया हो लेकिन इसके बजट और प्रभास के स्टार पावर को देखते हुए यह प्रदर्शन निराशाजनक ही कहा जाएगा। पहले दिन की जबरदस्त शुरुआत के बाद फिल्म तेजी से गिरी और अब यह संघर्ष कर रही है।

तेलुगु राज्यों में फिल्म ने अच्छी कमाई की लेकिन बाकी बाजारों में इसका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। हिंदी बाजार में भी फिल्म को खास सफलता नहीं मिली। ऑक्यूपेंसी में लगातार गिरावट और शो की संख्या में कमी बताती है कि फिल्म के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म अपने ब्रेक ईवन पॉइंट तक पहुंचने में असफल रह सकती है और प्रभास की दूसरी सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म बन सकती है। यह प्रभास जैसे बड़े स्टार के लिए एक झटका है और आगे उन्हें फिल्मों के चुनाव में और सावधानी बरतनी होगी।

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