8वां वेतन आयोग और पुरानी पेंशन पर आर-पार! कर्मचारी यूनियन ने सौंपी डिमांड लिस्ट, जानें क्या-क्या है शामिल 8th Pay Commission

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। सैलरी रिवीजन, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार और अन्य सुविधाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हाल ही में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। इसमें कर्मचारी पक्ष ने ज्ञापन जमा करने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए 9 बड़ी मांगें रखी हैं।

NC-JCM के सचिव शिवा गोपाल मिश्रा ने 1 अप्रैल 2026 को 8वें वेतन आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन को यह पत्र भेजा। संगठन ने 13 अप्रैल 2026 के बाद किसी भी सुविधाजनक तारीख पर बैठक करने की भी इच्छा जताई है।

Also Read

NC-JCM द्वारा 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई 9 प्रमुख मांगें 8th Pay Commission

कर्मचारी पक्ष ने ज्ञापन जमा करने की मौजूदा प्रक्रिया को अपर्याप्त बताते हुए इन सुधारों की मांग की है:

  1. शब्द सीमा बढ़ाई जाए
    वर्तमान में हर विषय के लिए केवल 500 शब्दों (3500 अक्षरों) की सीमा है, जो काफी कम है। NC-JCM ने इसे बढ़ाकर कम से कम 1000 शब्द करने की मांग की है ताकि विस्तृत और सार्थक सुझाव दिए जा सकें।
  2. सब-क्वेश्चन के लिए स्पष्ट प्रावधान
    हर मुख्य विषय के अंदर आने वाले सब-प्रश्नों या सब-टाइटल्स के लिए व्यवस्थित तरीके से जवाब देने की सुविधा होनी चाहिए।
  3. पेंशन सुधारों (NPS/UPS/OPS) के लिए अलग प्रावधान
    नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की समस्याओं को दूर करने और CCS नियमों के तहत पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह बहाल करने की मांग। कर्मचारियों पर कोई अंशदायी पेंशन योजना नहीं लगाई जानी चाहिए।
  4. पेंशनभोगियों के मुद्दों के लिए अलग सेक्शन
    पेंशन रिवीजन, पेंशन में समानता, कम्यूटेड पेंशन की बहाली, पेंशन में नियमित बढ़ोतरी और अन्य कल्याणकारी उपायों के लिए विशेष प्रावधान किया जाए।
  5. महिला कर्मचारियों के कल्याण के लिए अलग अनुभाग
    कार्यस्थल पर सुरक्षा, मातृत्व लाभ, मासिक धर्म संबंधी सुविधाएं, चाइल्ड केयर लीव (CCL) और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों को अलग से शामिल किया जाए।
  6. विभाग-विशेष मुद्दों के लिए प्रावधान
    अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की अपनी अनोखी समस्याएं होती हैं। इसलिए विभाग-विशेष सुझाव जमा करने की सुविधा दी जाए।
  7. ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए
    वर्तमान समय सीमा काफी कम है। NC-JCM ने इसे 31 मई 2026 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है ताकि सभी यूनियनों और महासंघों से व्यापक परामर्श किया जा सके।
  8. अटैचमेंट साइज की सीमा बढ़ाई जाए
    मौजूदा 2 MB की सीमा बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 10 MB किया जाए ताकि विस्तृत रिपोर्ट, डेटा और दस्तावेज आसानी से अपलोड किए जा सकें।
  9. जमा करने के विकल्प बढ़ाए जाएं
    केवल ऑनलाइन पोर्टल के अलावा ईमेल और हार्ड कॉपी के जरिए भी ज्ञापन जमा करने की अनुमति दी जाए। इससे तकनीकी दिक्कतें कम होंगी और ज्यादा पहुंच सुनिश्चित होगी।

अन्य प्रमुख मांगें जो कर्मचारी संगठन उठा रहे हैं

NC-JCM के अलावा AITUC और अन्य कर्मचारी संघों ने भी 8वें वेतन आयोग के सामने ये अहम मुद्दे रखे हैं:

  • फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.0 (कुछ संगठन 3.25 तक की मांग कर रहे हैं) — इससे न्यूनतम बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूर्ण बहाली और NPS/UPS को खत्म करना।
  • सालाना इंक्रीमेंट कम से कम 6%।
  • 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन।
  • पेंशन कम्यूटेशन की अवधि 15 साल से घटाकर 11-12 साल करना।
  • DA कैलकुलेशन फॉर्मूला में सुधार।

8वां वेतन आयोग का क्या है अपडेट?

8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और कर्मचारी संगठन सक्रिय रूप से अपने सुझाव जमा कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार और सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव इस आयोग के सबसे बड़े मुद्दे हैं।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह आयोग सैलरी, भत्तों और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है।

क्या करें कर्मचारी और पेंशनभोगी?

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम अपडेट चेक करें।
  • अपनी यूनियन या महासंघ के माध्यम से सुझाव भेजें।
  • e-KYC, बैंक डिटेल्स और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट रखें।

निष्कर्ष
NC-JCM द्वारा रखी गई ये 9 मांगें 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया को और मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में हैं। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और उचित फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की सबसे बड़ी अपेक्षाएं हैं।

यह जानकारी अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। आधिकारिक घोषणा आने पर अपडेट किया जाएगा।

Leave a Comment