इतिहास में पहली बार! सोने के भाव ने बनाया नया रिकॉर्ड gold price new record

gold price new record वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले साल 2025 में सोने ने 60% से अधिक की छलांग लगाई थी, और अब 2026 की शुरुआत में भी यह तेजी बरकरार है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया – पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस को पार किया! चांदी भी इस तेजी में पीछे नहीं है, उसकी कीमतों में भी 7% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। भारत में गणतंत्र दिवस के कारण कमोडिटी बाजार बंद था, लेकिन वैश्विक बाजार के ये बदलाव भारतीय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सोने की ऐतिहासिक छलांग: 5000 डॉलर से आगे

एशियाई बाजार की शुरुआत में सोने की स्पॉट कीमत में 1.79% की बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह 5,071.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। आगे ट्रेडिंग बढ़ने पर यह 5,085.50 डॉलर के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची। अमेरिकी फ्यूचर्स मार्केट में फरवरी डिलीवरी के लिए सोने की कीमत 5,068.70 डॉलर तक बढ़ गई। इस साल अब तक सोने ने 17% की बढ़ोतरी दर्ज की है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत औंस के हिसाब से मापी जाती है, जिसमें एक औंस लगभग 28 ग्राम होता है। इस हिसाब से, 5000 डॉलर प्रति औंस का मतलब भारतीय रुपये में करीब 4,57,840 रुपये है। इससे एक ग्राम सोने की कीमत लगभग 16,351 रुपये और 10 ग्राम की कीमत 1,63,514 रुपये हो जाती है। यह बढ़ोतरी निवेशकों के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन साथ ही बाजार की अनिश्चितता का संकेत भी दे रही है।

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भारतीय बाजार की स्थिति: एमसीएक्स और सर्राफा बाजार

भारत में गणतंत्र दिवस के कारण मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) बंद था, लेकिन पिछले शुक्रवार के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की फ्यूचर्स कीमत 74 रुपये गिरकर 1,55,963 रुपये पर बंद हुई थी। सर्राफा बाजार में भी 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,310 रुपये पर स्थिर रही। निवेशकों को इन वैश्विक बदलावों को ध्यान में रखकर अपनी निवेश रणनीति बनानी चाहिए।

चांदी की भी जोरदार बढ़ोतरी: 7% से अधिक उछाल

चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 7% से ज्यादा बढ़ गई। एमसीएक्स पर पिछले शुक्रवार को मार्च डिलीवरी के लिए एक किलो चांदी की कीमत 99 रुपये गिरकर 3,34,600 रुपये पर बंद हुई थी। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की वेबसाइट के अनुसार, सर्राफा बाजार में एक किलो चांदी की कीमत 3,17,705 रुपये थी। चांदी को सोने की तरह ही सुरक्षित निवेश माना जाता है, और मौजूदा स्थिति में इसकी मांग बढ़ रही है।

इस तेजी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक कारक हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) से ब्याज दरों में और कटौती की संभावना एक प्रमुख वजह है। इसके अलावा, वैश्विक तनाव बढ़ रहे हैं – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ नीतियों से व्यापार युद्ध की आशंका है। हाल ही में कनाडा पर 100% टैरिफ लगाने का फैसला लिया गया, जिससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

इसके अतिरिक्त, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और नाटो के बीच नया विवाद, यूक्रेन-गाजा संघर्ष और वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर मुड़ रहे हैं। सोना और चांदी को ‘सेफ हेवन’ के रूप में जाना जाता है, जिससे इनकी मांग बढ़ती है। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी भी इन धातुओं की कीमतों को समर्थन दे रही है, क्योंकि डॉलर कमजोर होने पर सोने की मांग बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों की राय: सोना 7000 डॉलर तक जा सकता है!

कैपिटल डॉट कॉम के सीनियर मार्केट एनालिस्ट काइल रोड्डा के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की अस्थिर नीतियों से यह उछाल आया है। वैश्विक तनाव में निवेशक सोने की शरण ले रहे हैं। येन की मजबूती से डॉलर कमजोर हुआ, जिसने सोने को और बल दिया।

मेटल्स फोकस के डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन कहते हैं कि बीच में प्रॉफिट बुकिंग से कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन यह अस्थायी होगी। लंबे समय में खरीदारी बढ़ेगी और सोने की कीमत 7,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। निवेशकों को सतर्क रहकर बाजार के बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और तनाव से सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं की चमक बढ़ रही है। अगर आप भी निवेश कर रहे हैं तो विशेषज्ञों की सलाह लें और बाजार के नए अपडेट्स फॉलो करें। अधिक जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहें!

(इस लेख की जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है। निवेश के लिए पेशेवर सलाहकार से संपर्क करें।)

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