Auto Taxi Driver New Rule : मुंबई/महाराष्ट्र: अगर आप महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है – 1 मई 2026 से राज्य के सभी लाइसेंसधारी ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए बुनियादी मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नियम के तहत ड्राइवरों को मराठी पढ़ना, लिखना और बोलना आना चाहिए। जो ड्राइवर इस शर्त को पूरा नहीं करेंगे, उनके परवाने (लाइसेंस) रद्द किए जा सकते हैं। यह नियम महाराष्ट्र दिवस (1 मई) से लागू होगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक का बड़ा ऐलान Auto Taxi Driver New Rule
राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कोई व्यक्ति काम करता है, वहां की स्थानीय भाषा सीखना उसका कर्तव्य है।
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मंत्री सरनाइक ने स्पष्ट रूप से कहा,
“जिस क्षेत्र में आप अपना काम करते हैं, वहां की भाषा सीखना हर किसी का कर्तव्य है। अपनी मातृभाषा पर गर्व करना महत्वपूर्ण है, लेकिन काम करते समय उस राज्य की भाषा का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है।”
उन्होंने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर समेत कई जगहों से शिकायतें मिल रही थीं कि कई ड्राइवर यात्री के साथ मराठी में बातचीत नहीं कर पाते या नहीं करना चाहते।
नियम क्यों लाया गया?
- महाराष्ट्र में पहले से ही कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेते समय स्थानीय भाषा का ज्ञान जरूरी माना जाता था, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा था।
- यात्री और ड्राइवर के बीच संवाद की समस्या बढ़ रही थी।
- सरकार अब इस नियम को सख्ती से लागू करने जा रही है।
कैसे होगा लागू? राज्यव्यापी अभियान
मोटर ट्रांसपोर्ट विभाग के 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से राज्यभर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान में अधिकारियों द्वारा यह जांच की जाएगी कि ड्राइवर मराठी पढ़ और लिख सकते हैं या नहीं। जो ड्राइवर बुनियादी मराठी नहीं जानते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना शामिल है।
इसके अलावा, जो अधिकारी गलत तरीके से लाइसेंस जारी करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
ड्राइवरों के लिए क्या मतलब?
- मुंबई, पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर समेत पूरे महाराष्ट्र के ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों पर लागू।
- 1 मई से पहले ड्राइवरों को बुनियादी मराठी सीखने का मौका मिलेगा।
- जो ड्राइवर मराठी नहीं जानते, उन्हें जल्द से जल्द भाषा सीखनी होगी, वरना परवाना खतरे में पड़ सकता है।
- यह नियम केवल नए लाइसेंस पर नहीं, बल्कि मौजूदा लाइसेंसधारकों पर भी लागू होगा।
ड्राइवरों और यूनियनों की प्रतिक्रिया
कई ड्राइवर यूनियनों ने इस फैसले को “राजनीतिक आदेश” बताया है और कहा है कि इससे आम ड्राइवरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं सरकार का कहना है कि यह स्थानीय संस्कृति और यात्री सुविधा के लिए जरूरी कदम है।
सलाह: अब क्या करें?
- अगर आप ऑटो या टैक्सी ड्राइवर हैं, तो 1 मई से पहले मराठी भाषा की बुनियादी जानकारी हासिल करें (पढ़ना, लिखना और रोजमर्रा की बातचीत)।
- स्थानीय भाषा सीखने के लिए सरकारी या निजी कोर्स, ऐप्स या साथी ड्राइवरों की मदद ले सकते हैं।
- अपने नजदीकी आरटीओ कार्यालय से नवीनतम अपडेट और सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार का यह कदम स्थानीय भाषा और संस्कृति के सम्मान को बढ़ावा देने का प्रयास है। साथ ही, यात्री और ड्राइवर के बीच बेहतर संवाद सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। 1 मई से सख्ती शुरू होने वाली है, इसलिए ड्राइवर भाइयों को अब तैयार रहना चाहिए।
नोट: यह जानकारी 14 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट्स पर आधारित है। नियमों में कोई बदलाव हो तो स्थानीय परिवहन विभाग से पुष्टि करें। Auto Taxi Driver New Rule


